Mahoba-a place where warriors are born

poetry-  Mahoba-a place where warriors are born


ये महोबा है,
ये सिर्फ एक ज़िला नहीं , दिल है मेरा ,
ये सिर्फ एक जगह नहीं , जहाँ है मेरा ।
वीरों की इस धरती पर , है बसेरा मेरा,
यहाँ कारनामे नहीं ,कारवां बना करते हैं ,
चाँद और सूरज के , रोशन समां बना करते हैं ,
यहाँ सिर्फ लोग नहीं , यादें बसा करती हैं ,
वीरों की कहानियां  , क़ुदरत बयांकरती है ,
मंज़िले उनको नहीं मिलती , जिनका हौसला लड़खड़ा जाता है , 
रक्त से तिलक करने वालों से तो , वक़्त भी खौफ खाता है ,
लौट जाते हैं वो लोग , जिनका रास्ता बंद हो जाता है , 
सच्चा तो मर्द वही है , जो मुश्किलों से टकराता है , 
खुल के हर लम्हा , जीता हूँ यहाँ डी.के. ,
ख्वाबों का शहर ये , आशियाना है मेरा ।
ये महोबा है , 
ये सिर्फ एक ज़िला नहीं , दिल है मेरा , 
ये सिर्फ एक जगह नहीं , जहाँ है मेरा ।

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