Changes the next exit
यह मनुष्य की प्रकृति है कि वह समान दिशा में नहीं रह सकता हमें अपने जीवन में विभिन्नताओं की जरूरत होती है हमें लगातार बदलाव की जरूरत होती है या आप यह कह सकते हैं लगातार बदलाव चाहिए
हमें मौसम में बदलावोंकी जरूरत है क्योंकि हम एक जैसे मौसम में नहीं रह सकते प्रकाश अंधेरे में भी बदलाव की जरूरत है क्योंकि हम तो प्रकाश में हमेशा रह सकते हैं और ना ही हम अंधेरे में हमेशा रह सकते हैं इसलिए ईश्वर ने दिन और रात बनाए
ईश्वर ने विभिन्न ऋतु बनाई
हम एक समान मानसिक दशा में भी लंबे समय तक नहीं रह सकते भले ही बाय प्यार या खुशि या फिर कोई भी भावना क्यों ना हो
कभी कभी हमें ना चाहते हुए भी बदलावों की जरूरत होती है हम अपने जीवन में होने वाले उनका विरोध करते हैं लेकिन यह हम जानते हैं कि हमें बदलावों की जरूरत है और हमें जरूरत महसूस करते हैं
बदलावों के साथ साथ सिर्फ मौसम इक दिशाएं ही नहीं बदलती इस दौरान को भी बदलना होता है जब बदलाव हमारी इच्छा के विरुद्ध होते हैं तब बदलावों से गुजर ना काफी मुश्किल होता है और कभी कभी जब हम चाहते हैं कि हमारी जीवन में बदलाव आए तब हमारा जीवन एकरूपता से बंधा होता है
प्रकृति में कई बदलाव नियमों के अनुसार होते हैं
तो कई बदलावों का कोई निश्चित समय तय नहीं होता
कई बदलाव अचानक से हो जाते हैं और कई बदलावों को होने में लंबा समय लग जाता है कभी कभी बदलाव की प्रक्रिया कष्टदायक भी हो सकती है
कभी हमें बदलाव के होने का पता ही नहीं चलता
ऐसे में काम हम बस यही कर सकते हैं कि हम बदलावों के साथ जीना सीख ले
हम बदलावों को अपनाना शुरू कर दें और जीवन में होने वाले किसी भी बदलाव का स्वागत करें
कई बदलावों को हम होने से नहीं रोक सकते ऐसे में उनका विरोध करके करने का कोई लाभ नहीं
कई ऐसी दशा में होती हैं बदलावों के लिए पहले से तैयार नहीं होते ऐसे में कहूंगा कि हमें इस बात से घबराना नहीं चाहिए जो बदलाव अचानक से आ जाते हैं हमें उन्हें भी स्वीकार करना चाहिए क्योंकि हमें एक अनुभव दे जाते हैं जिससे कि हम आगे आने वाले वक्त में किसी बदलाव के लिए पहले से तैयार हो सके कभी कभी बदलाव चेतावनी भर होते हैं वाले या होने वाले बड़े बदलाव की , ऐसे में सिर्फ हम अपने ज्ञान और
क्षमता के आधार पर ही पता लगा सकते हैं कि आगे होने वाले बदलावों में क्या हो सकता है
बदलावों को स्वीकारना बहुत बड़ा कदम होता है और इसके लिए हमें बहुत हिम्मत चाहिए होती है लेकिन एक बार जब आप बदलावों को स्वीकार करना शुरू कर देते हैं फिर कुछ सालों बाद आप पाते हैं कि आपको बदलावों की आदत सी हो गई है बदलाव आपके जीवन का एक हिस्सा बन चुके होते हैं और फिर तब आप अपने सालों पहले लिए गए किसी एक फैसले पर खुश होते हैं कि आपने यह फैसला लिया था आपने एक बदलाव को स्वीकार किया था जिससे आपको डर लगता था इस लगातार बदलते हुए जीवन में आप पाते हैं कि कुछ समय बाद आपके जीवन में लगातार होने वाले बदलाव आपके जीवन में एक स्थिरता लाना शुरू कर लेते हैं यही स्थिरता तय करती है कि बाकी का जीवन कैसा होगा
संक्षेप में आप यह कह सकते हैं कि कोई भी बदलाव बहुत ज्यादा लंबा नहीं होता ज्यादातर बदलाव अंशकालिक होते हैं यही अंशकालिक बदलाव मिलकर आपके जीवन में दीर्घकालिक बदलाव लाते हैं
किसी भी बदलाव को स्वीकार करने के लिए बस हमें आवश्यकता होती है अपने नजरिए को बदलने की, कई बार बदलाव की प्रक्रिया हमें कष्ट देती है लेकिन हमें अंदर से मजबूत भी बनाते हैं ।
हमें मौसम में बदलावोंकी जरूरत है क्योंकि हम एक जैसे मौसम में नहीं रह सकते प्रकाश अंधेरे में भी बदलाव की जरूरत है क्योंकि हम तो प्रकाश में हमेशा रह सकते हैं और ना ही हम अंधेरे में हमेशा रह सकते हैं इसलिए ईश्वर ने दिन और रात बनाए
ईश्वर ने विभिन्न ऋतु बनाई
हम एक समान मानसिक दशा में भी लंबे समय तक नहीं रह सकते भले ही बाय प्यार या खुशि या फिर कोई भी भावना क्यों ना हो
कभी कभी हमें ना चाहते हुए भी बदलावों की जरूरत होती है हम अपने जीवन में होने वाले उनका विरोध करते हैं लेकिन यह हम जानते हैं कि हमें बदलावों की जरूरत है और हमें जरूरत महसूस करते हैं
बदलावों के साथ साथ सिर्फ मौसम इक दिशाएं ही नहीं बदलती इस दौरान को भी बदलना होता है जब बदलाव हमारी इच्छा के विरुद्ध होते हैं तब बदलावों से गुजर ना काफी मुश्किल होता है और कभी कभी जब हम चाहते हैं कि हमारी जीवन में बदलाव आए तब हमारा जीवन एकरूपता से बंधा होता है
प्रकृति में कई बदलाव नियमों के अनुसार होते हैं
तो कई बदलावों का कोई निश्चित समय तय नहीं होता
कई बदलाव अचानक से हो जाते हैं और कई बदलावों को होने में लंबा समय लग जाता है कभी कभी बदलाव की प्रक्रिया कष्टदायक भी हो सकती है
कभी हमें बदलाव के होने का पता ही नहीं चलता
ऐसे में काम हम बस यही कर सकते हैं कि हम बदलावों के साथ जीना सीख ले
हम बदलावों को अपनाना शुरू कर दें और जीवन में होने वाले किसी भी बदलाव का स्वागत करें
कई बदलावों को हम होने से नहीं रोक सकते ऐसे में उनका विरोध करके करने का कोई लाभ नहीं
कई ऐसी दशा में होती हैं बदलावों के लिए पहले से तैयार नहीं होते ऐसे में कहूंगा कि हमें इस बात से घबराना नहीं चाहिए जो बदलाव अचानक से आ जाते हैं हमें उन्हें भी स्वीकार करना चाहिए क्योंकि हमें एक अनुभव दे जाते हैं जिससे कि हम आगे आने वाले वक्त में किसी बदलाव के लिए पहले से तैयार हो सके कभी कभी बदलाव चेतावनी भर होते हैं वाले या होने वाले बड़े बदलाव की , ऐसे में सिर्फ हम अपने ज्ञान और
क्षमता के आधार पर ही पता लगा सकते हैं कि आगे होने वाले बदलावों में क्या हो सकता है
बदलावों को स्वीकारना बहुत बड़ा कदम होता है और इसके लिए हमें बहुत हिम्मत चाहिए होती है लेकिन एक बार जब आप बदलावों को स्वीकार करना शुरू कर देते हैं फिर कुछ सालों बाद आप पाते हैं कि आपको बदलावों की आदत सी हो गई है बदलाव आपके जीवन का एक हिस्सा बन चुके होते हैं और फिर तब आप अपने सालों पहले लिए गए किसी एक फैसले पर खुश होते हैं कि आपने यह फैसला लिया था आपने एक बदलाव को स्वीकार किया था जिससे आपको डर लगता था इस लगातार बदलते हुए जीवन में आप पाते हैं कि कुछ समय बाद आपके जीवन में लगातार होने वाले बदलाव आपके जीवन में एक स्थिरता लाना शुरू कर लेते हैं यही स्थिरता तय करती है कि बाकी का जीवन कैसा होगा
संक्षेप में आप यह कह सकते हैं कि कोई भी बदलाव बहुत ज्यादा लंबा नहीं होता ज्यादातर बदलाव अंशकालिक होते हैं यही अंशकालिक बदलाव मिलकर आपके जीवन में दीर्घकालिक बदलाव लाते हैं
किसी भी बदलाव को स्वीकार करने के लिए बस हमें आवश्यकता होती है अपने नजरिए को बदलने की, कई बार बदलाव की प्रक्रिया हमें कष्ट देती है लेकिन हमें अंदर से मजबूत भी बनाते हैं ।

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