Untitled 2

कोशिश करता हूं
कि ना देखूं तुम्हे
हसरत भरी निगाहों से ,
कोशिश करता हूं
कि मन को दूर रखूं
तुम्हारे यौवन के तिलस्मों से ,
कोशिश करता हूं
कि चलूं मै
आत्म संयम के पथ पर ,
कोशिश करता हूं
कि हृदय की विरक्ति में
ना हो कोई रति की लालसा ,
कोशिश करता हूं
कि कहीं तब्दील ना हो जाए
हमारा भावनात्मक जुड़ाव
एक कभी ना बुझने वाली प्यास में ,
कोशिश करता हूं
कि मन में ना भरने दूं
अभद्र और द्वअर्थी विचारों को ,
कोशिश करता हूं
कि जब तुम मुझे देखो तो
तुम ना पाओ कोई
लालसा मेरी आंखो में ,
कोशिश करता हूं
कि जलती रहे मेरे भीतर
ज्ञान की वह अनंत अग्नि
और ना हो पाऊं कभी मै पथभ्रष्ट ,
कोशिश करता हूं
कि देख पाऊं तुम्हारे भीतर
कि उस आत्मिक सुंदरता को
जो मुझे पहुंचाए वह अनंत सुख
जो अतुल्य हो हर भौतिक सुख के सामने ,
कोशिश करता हूं
कि खुद की और तुम्हारी नज़रों में भी
बना सकूं अपनी एक अलग छवि मैं
जो अलग हो बाकी सब से ,
बस यही कोशिश है मेरी .....

#dk
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